70% खाताधारक अब भी कैश पर निर्भर, सिर्फ 30% इस्तेमाल करते हैं एटीएम

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  • सीएटीएमआई का दावा- उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में एटीएम इस्तेमाल करने के लिए 40 किमी दूर जाना पड़ता है
  • देश की कुल एटीएम में से 80%शहरी और अर्द्धशहरी इलाकों में, ग्रामीण क्षेत्रों में महज 20% एटीएम

नेशनल डेस्क. नोटबंदी के बाद देश में डिजिटल ट्रांजेक्शन में काफी तेजी आई थी। दावा किया गया था कि अब अधिक से अधिक लोग डिजिटल ट्रांजेक्शन को ही तरजीह दे रहे हैं, लेकिन हकीकत इससे उलट है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, देश के 30% खाताधारक नियमित रूप से एटीएम इस्तेमाल करते हैं, जबकि 70% बैंक खाताधारक आज भी कैश पर निर्भर हैं। इसकी वजह कमजोर इंफ्रास्ट्रक्चर और नेटवर्क है, जिसका असर एटीएम नेटवर्क की ग्रोथ पर पड़ रहा है।

एटीएम उद्योग से जुड़े एक संगठन सीएटीएमआई के डायरेक्टर वी बालासुब्रमण्यन का कहना है कि देश में मौजूद 2.38 लाख एटीएम में से औसतन 10% मशीनें अलग-अलग कारणों से काम नहीं करतीं। देश की आबादी के हिसाब से कम से कम 10 लाख एटीएम की जरूरत है। फिलहाल मौजूदा एटीएम में 80% मशीनें शहरी और अर्द्धशहरी इलाकों में हैं, जबकि बाकी ग्रामीण क्षेत्रों में लगी हैं।

 

उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में हालात काफी खराब

एटीएम उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि मेट्रो और बड़े शहरों को छोड़ दिया जाए तो मध्यप्रदेश उत्तरप्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों के पिछड़े इलाकों में एटीएम इस्तेमाल करने के लिए लोगों को 40 किलोमीटर या और दूर जाना पड़ता है।

 

दुनिया में सबसे कम एटीएम भारत में
वी बालासुब्रमण्यन ने बताया कि पूरी दुनिया के मुकाबले भारत में सबसे कम एटीएम हैं। यहां एक लाख लोगों पर महज 8.9 एटीएम हैं। वहीं, ब्राजील में इतने ही लोगों पर 119.6 एटीएम, थाइलैंड में 78, दक्षिण अफ्रीका में 60 और मलेशिया में 56.4 एटीएम हैं। उन्होंने बताया कि चीन भी अब तक 10 लाख एटीएम लगा चुका है। माना जा रहा है कि 2020 तक वह 15 लाख एटीएम का आंकड़ा छू लेगा।